ये हैं रहीम के ऐसे दोहे जो बदल सकते हैं व्यक्ति का नजरिया
- जीवन मंत्र डेस्क
- Jan 02, 2016, 18:38 PM IST
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मुगल शहंशाह हुमायुं की मृत्यु के समय जलाल (अकबर) बहुत छोटा था। हुमायुं के बाद बैरमखां ने अकबर का ध्यान रखा। जब बैरमखां की मृत्यु हुई, तब अकबर ने बैरमखां के पुत्र रहीम को पनाह दी। रहीम बादशाह अकबर के बहुत करीब रहा और आगे चलकर रहीम ने ऐसे दोहे रचे, जिन्होंने लोगों के जीने का नजरिया बदल दिया।
आगे की स्लाइड्स पर जानिए दोहे जिनमें छुपा है सुखी जीवन का सार . . .
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