याददाश्त कमजोर होने की समस्या किसी के भी साथ हो सकती है। इसी कारण लोग अपने कार्यक्षेत्र में अपना सौ-प्रतिशत नहीं दे पाते हैं। इसलिए याददाश्त बढ़ाने के लिए लोग कई तरह की दवाईयां भी खाते हैं। अगर आपके साथ भी बार-बार भूल जाने की समस्या है तो नीचे लिखी यौगिक क्रिया से आप इससे छुटकारा पा सकते हैं।
विधि
1. सीधे खड़े होकर इसमें पैर के दोनों पंजे मिलाकर खड़े हो जाएं, सामने देखते हुए एक सीधे रखें हाथ को जंघाओं से सटे हुए हों। ध्यान को दिमाग पर केंद्रित करें। दस बार तेजी से सांस ले और छोड़े।
2. दूसरी क्रिया इसमें ध्यान दिमाग पर केंद्रित करें। ठीक उसी प्रकार सांस लें और छोड़े। फिर सांस भरें और ऊपर की तरफ देखें। ललाट, कनपटी, और दिमाग को शिथिल छोड़ें।
लाभ
विधि
1. सीधे खड़े होकर इसमें पैर के दोनों पंजे मिलाकर खड़े हो जाएं, सामने देखते हुए एक सीधे रखें हाथ को जंघाओं से सटे हुए हों। ध्यान को दिमाग पर केंद्रित करें। दस बार तेजी से सांस ले और छोड़े।
2. दूसरी क्रिया इसमें ध्यान दिमाग पर केंद्रित करें। ठीक उसी प्रकार सांस लें और छोड़े। फिर सांस भरें और ऊपर की तरफ देखें। ललाट, कनपटी, और दिमाग को शिथिल छोड़ें।
लाभ
1. इस क्रिया सोचने की शक्ति बढ़ जाती है।
2. मन शांत रहता है।
3. आंखों के व्यायाम भी हो जाता है।
4. दिमागी शक्ति का विकास होता है।
5. सिरदर्द ठीक हो जाता है।
6. आंखों की रोशनी तेज होती है।
7. यादादश्त बढ़ती है।
2. मन शांत रहता है।
3. आंखों के व्यायाम भी हो जाता है।
4. दिमागी शक्ति का विकास होता है।
5. सिरदर्द ठीक हो जाता है।
6. आंखों की रोशनी तेज होती है।
7. यादादश्त बढ़ती है।
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